2020
उपकरणों और औजारों के नाम
EnglishHindi
Wrenchपाना
Tweezersचिमटी
Pliersप्‍लास
Screwdriverपेंचकस
Hammerहथौड़ा
Jackउत्तोलक
Awlसूआ
Sawआरा
Axeकुल्हाड़ी
Gaugeमापक यंत्र
Razorउस्तरा
Ploughहल
Coulter/Plough shareहल का फाल
Plough shaftहल का डंडा
Scissorsकैंची
Daggerकटार/खंजर
Chiselछेनी
Sickleदरांती/हँसिया
Spadeकुदाल/फावड़ा
Rudderपतवार
Screwपेंच
Jack planeरंदा
Drill machineछेदन यंत्र
Clampक्लैंप
भारत की प्रसिद्ध नदियों के नाम, उनकी लंबाई और उद्गम स्थल
NameSourceLength
Ganga
गंगा
Gangotri Glacier,
Uttarkashi District, Uttarakhand
गंगोत्री ग्लेशियर,
उत्तरकाशी जिला, उत्तराखंड
2,601 km
Brahmaputra
ब्रह्मपुत्र
Himalayas
हिमालय
3,080 km
Godavari
गोदावरी
Triambakeshwar, Maharashtra
त्रयंबकेश्वर, महाराष्ट्र
1,465 km
Yamuna
यमुना
Yamunotri, Champasar Glacier
यमुनोत्री, चंपसार ग्लेशियर
1,376 km
Kaveri
कावेरी
Talakaveri or Talacauvery,
Coorg district, Karnataka
तालकवेरी या तालाकौरी,
कूर्ग जिला, कर्नाटक
805 km
Indus
सिंधु
Tibetan Plateau in the
vicinity of Lake Manasarovar
मानसरोवर झील के आसपास
के क्षेत्र में तिब्बती पठार
3,180 km
Narmada
नर्मदा
Amarkantak, Madhya Pradesh
अमरकंटक, मध्य प्रदेश
1,312 km
Mahanadi
महानदी
Sihawa, Chhattisgarh
सिहावा, छत्तीसगढ़
858 km
Tapi/Tapti
तापी / ताप्ती
Satpura Range, Madhya Pradesh
सतपुड़ा रेंज, मध्य प्रदेश
724 km
Krishna
कृष्णा
Mahabaleshwar, Maharashtra
महाबलेश्वर, महाराष्ट्र
1,400 km
Sutlej
सतलुज
Mount Kailash
कैलाश पर्वत
1,450 km
Betwa
बेतवा
Vindhya Range, Madhya Pradesh
विंध्य रेंज, मध्य प्रदेश
590 km
Koshi/kosi
कोशी/कोसी
Bihar near Indo-Nepal border
भारत-नेपाल सीमा के पास बिहार से
729 km
Chenab
चिनाब
Baralacha La Pass, Himachal Pradesh
बारलाचा ला दर्रा, हिमाचल प्रदेश
960 km
Chambal
चंबल
Janapav, Madhya Pradesh
जनपव, मध्य प्रदेश
1,024 km
Jhelum
झेलम
Pir Panjal Range, Himalayas
पीर पंजाल पर्वतमाला, हिमालय
725 km
Beas
ब्यास
Rohtang La pass, Himachal Pradesh
रोहतांग ला पास, हिमाचल प्रदेश
470 km
Ghaghara
घाघरा
Himalayas
हिमालय
1,080 km
Sabarmati
साबरमती
Dhebar Lake, Rajasthan
ढेबर झील, राजस्थान
371 km
Gomti
गोमती
Gomat Taal, Pilibhit
गोमट ताल, पीलीभीत
900 km
Alakananda
अलकनंदा
Satopanth Glacier, Uttarakhand
सतोपंथ हिमनद, उत्तराखंड
195 km
Bhagirathi
भागीरथी
Gangotri Glacier
गंगोत्री ग्लेशियर
205 km
Damodar
दामोदर
Chota Nagpur Plateau, Jharkhand
छोटा नागपुर का पठार, झारखंड
592 km
Tungabhadra
तुंगभद्रा
Karnataka
कर्नाटक
531 km
Teesta
तीस्ता
Tso Lhamo Lake, Sikkim
त्सो ल्हामो झील, सिक्किम
315 km
Hooghly /
Kati-Ganga
हुगली /
कटी-गंगा
tributary of the Ganges
River in West Bengal
पश्चिम बंगाल में गंगा नदी की
सहायक नदी
260 km
Bhima
भीम
Bhimashankar, Maharashtra
भीमाशंकर, महाराष्ट्र
861 km
Luni
लूनी
Aravalli Range
अरावली रेंज
495 km
Penna
पेन्ना
Nandi Hills, Karnataka
नंदी हिल्स, कर्नाटक
597 km
Indravati
इंद्रावती
Eastern Ghats
पूर्वी घाट
535 km
Mahi
माही
Vindhya Range, Madhya Pradesh
विन्ध्याचल पर्वत शृंखला, मध्य प्रदेश
583 km
Koyna
कोयना
Mahabaleshwar, Maharashtra
महाबलेश्वर, महाराष्ट्र
130 km
Ghaggar
घग्गर
Sivalik Hills, Himalayas
शिवालिक पहाड़ियाँ, हिमालय
320 km
Sone / Son
सोन
Amarkantak, Madhya Pradesh
अमरकंटक, मध्य प्रदेश
784 km
Vaigai
वैगई
Varusanadu hills, Tamil Nadu
वरसानाडू पहाड़ियाँ, तमिलनाडु
258 km
Ramganga
रामगंगा
Himalayas, Namik Glacier
हिमालय, नामिक ग्लेशियर
596 km
Hemavati
हेमवती
Western Ghats
पश्चिमी घाट
245 km
Padma
पद्मा
Himalayas
हिमालय
120 km
Kasbani / Kabini
/ Kapila
कासबनी / काबिनी
/ कपिला
Panamaram, Kerala
पनामरम, केरल
240 km
Shyok
श्योक
Rimo I
रिमो १
550 km
Subarnarekha
सुवर्णरेखा
Chota Nagpur Plateau, Jharkhand
छोटा नागपुर का पठार, झारखंड
474 km
Pranhita
प्राणहिता / प्रन्हिता
Wainganga River
वैनगंगा नदी
113 km
Banas
बनास
Aravalli Range
अरावली पर्वत शृंखला
512 km
Ken
केन
Ahirgawan, Madhya Pradesh
अहिरगवां, मध्य प्रदेश
427 km
Girna / Parvati
गिर्ना / पार्वती
Kem Peak in the Western Ghats
पश्चिमी घाट में केम पीक
241 km
Mahananda
महानंदा
Himalayas
हिमालय
360 km
Musi
मूसी
Anantagiri Hills, Telangana
अनंतगिरी हिल्स, तेलंगाना
240 km
Periyar
पेरियार
Tamil Nadu
तमिलनाडु
244 km
Shipra
शिप्रा
Vindhya Range
विन्ध्याचल पर्वत शृंखला
195 km
Subansiri
सुबनसिरी
tributary of the Brahmaputra River
in Assam, Arunachal Pradesh, and Tibet
असम, अरुणाचल प्रदेश और तिब्बत
में ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी
442 km
Lohit
लोहित
Tibet
तिब्बत
450 km
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पंजाब, भारत का एक राज्य है, जिसमें बहुत सारे गुरुद्वारे हैं, लेकिन श्री हरमंदिर साहिब सिखों के सबसे प्रमुख, पवित्र और पावन धार्मिक स्थलों में से एक है यह गुरुद्वारा पंजाब के अमृतसर शहर में स्थित है जिसे श्री दरबार साहिब भी कहा जाता है। गुरुद्वारे का सोने का होने के कारण इसे स्वर्ण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। हर साल यहाँ पर विभिन्न देशों से हजारों लोग दर्शन के लिए आते है।

मैंने अपने कॉलेज के दोस्तों के साथ स्वर्ण मंदिर देखने की योजना बनाई। हम स्वर्ण मंदिर के पास के एक होटल में ठहरे थे। इस मंदिर में प्रवेश करने के लिए कोई धार्मिक प्रतिबंध नहीं है। गुरुद्वारे में प्रवेश करने के लिए सभी को दुपट्टे या रुमाल से सिर को ढकने के साथ, उचित वस्त्र पहनना अति आवश्यक है और गुरुद्वारे के भीतर नंगे पांव ही प्रवेश होता है। हम सुबह जल्दी उठ गए थे और सवेरे ही गुरुद्वारे के सरोवर में स्नान कर लिया था। मुख्य गुरुद्वारे में प्रवेश करने के लिए लंबी कतार थी। अंदर पहुँचने में 3 घंटे का समय लगा और वहाँ पर हमने एक बहुत ही सुंदर स्वर्ण झूमर देखा और आंतरिक दीवारों पर सोने से बनी अति सुन्दर नक्काशी थीं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के दर्शन के बाद, हमने स्वेच्छा से बर्तन धोने और रसोई में मदद करने की सेवा की। फिर हमने लंगर हॉल में प्रसाद के रूप में स्वादिष्ट शाकाहारी भोजन खाया। लंगर हॉल समानता का प्रतीक है क्योंकि हर कोई पंक्तियों में एक साथ एक ही जगह बैठता है और बिना भेदभाव के भोजन प्राप्त करता है।

ऐसे कई कारक हैं जो इस स्थान को अद्वितीय और असाधारण बनाते हैं। हजारों श्रद्धालु रोजाना दर्शन के लिए पवित्र मंदिर में आते हैं। स्वर्ण मंदिर सरोवर के मध्य स्थित है जिसके जल को पवित्र जल कहा जाता है और लोग अपने कर्मो को शुद्ध करने के लिए इसमें स्नान करते हैं। यहाँ हजारों लोग रोज लंगर का प्रसाद ग्रहण करते है और यह लंगर 24 घन्टे खुला रहता है। श्री हरमंदिर साहिब को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में नामित किया गया है।

हमारे लिए एक ऐसी जगह की यात्रा करना बहुत ही प्रेरणादायक था क्योंकि यह स्थान सकारात्मक ऊर्जा और तरंगों से भरा है, जिसने हमें भी उस ऊर्जा से ओत-प्रोत किया। इस यात्रा से हमारे मन को बहुत शांति मिली और हम होटल को खुशी-खुशी वापस लौट आये।

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मुझे मेलों में जाना बहुत पसंद है। प्रतिवर्ष मेरे देश में विभिन्न प्रकार के मेले निर्धारित समयों और स्थानों पर आयोजित किए जाते हैं। जिनमें से कुछ धार्मिक होते हैं, कुछ व्यावसायिक होते हैं और कुछ सामाजिक होते हैं। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में हर साल कई मेले आयोजित किए जाते हैं लेकिन वहाँ आयोजित होने वाले मेलों में मेरा सबसे पसंदीदा मेला, भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) है।

पिछले साल नवंबर के महीने में, मैंने अपने चार दोस्तों के साथ आईआईटीएफ में जाने के लिए योजना बनाई। हमने नोएडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के कस्टमर केयर सेंटर से टिकट खरीदे। हम सुबह 10 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे और गेट नंबर 10 से प्रवेश किया जो प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन के पास था।

वहाँ हॉलों के अनुसार प्रदर्शनी आयोजित थी। हमने पहले हॉल 11 में प्रवेश किया। हॉल नंबर 11 में सौंदर्य प्रसाधन, स्वास्थ्य उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसोई के उपकरण, कंप्यूटर बाह्य उपकरण, मोबाइल फोन, खाद्य उत्पाद, चमड़े के उत्पाद और वस्त्र थे। ये उत्पाद ऑफ़र और छूट के साथ उपलब्ध थे। हॉल 12 और 12 ए में सभी भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्टॉल थे। हमने झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, दिल्ली, असम और ओडिशा के स्टाल देखे। वे सभी अपनी राज्य की संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और वे अपने राज्य के उत्पादों को बेच रहे थे। मुझे हाथ से कढ़ाई किये हुए परिधान, सजावटी उत्पाद, बैग, हस्तनिर्मित सूखी घास के बक्से और हस्तनिर्मित गहने पसंद आये। दिल्ली प्रदर्शन में एक स्टाल था जिसमें तिहाड़ जेल के कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पाद थे।

हॉल नंबर 9 और 10 में अंतरराष्ट्रीय ब्रांड थे। ड्राई फ्रूट्स के स्टॉल, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, क्रॉकरी, कालीन और इत्र की कई किस्में उपलब्ध थीं। मैंने तुर्की स्थित लैम्प विक्रेता से एक बहुत सुंदर हस्तनिर्मित लैम्प खरीदा। मैंने मिस्र के स्टाल से एक स्मारिका भी खरीदी। मंच पर हो रहे सांस्कृतिक नृत्य प्रदर्शन ने बहुत सारे आगंतुकों को अपनी ओर आकर्षित किया और जिसका लुफ्त हमने भी उठाया।

शाम ढल रही थी और हम थक चुके थे। इसलिए हमने वापस घर लौटने का फैसला किया। एक ही स्थान पर इस तरह की विभिन्न चीजों को देखना हमारे लिए एक अद्भुत अनुभव था।

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The full name of Mahatma Gandhi is Mohandas Karamchand Gandhi. We also know him by the name of Father of the Nation and Bapu. Mahatma Gandhi was one of the greatest persons of his century. He was not only a great politician but also a great social and religious leader. He was a priest of truth, peace and non-violence. He had sacrificed everything for his country and countrymen. His principles of truth and non-violence are still appreciated all over the world.

Mahatma Gandhi was born on 2 October 1869 in Porbandar, Gujarat. Every year, his birthday is celebrated as Gandhi Jayanti in India. His father's name is Karamchand and his mother's name is Putlibai. His wife's name is Kasturba Gandhi whom he married at the age of 13. His children are Harilal, Manilal, Ramdas and Devdas. After passing the matriculation examination, he moved to England to become a barrister.

After his return to India, Mahatma Gandhi started advocating in Bombay High Court but he did not get success in it. In 1913, he moved to South Africa, where he raised his voice against the atrocities on Indians by whites. He launched the Satyagraha movement to improve the condition of Indians and he did not sit in peace till the Indian Relief Act was passed.

In 1915, Gandhiji returned to India from South Africa and joined the Indian National Congress here. They used truth, non-violence and peace as weapons against the British government in India. And he started the Non-Cooperation Movement in the year 1920, the Civil Disobedience Movement in the year 1930 and the British Quit India Movement in the year 1942 to attain full Swaraj. He also went to jail many times for all these protests. Indians won after many such tireless efforts, and in the year 1947, India gained independence from the British government.

On January 30, 1948, Gandhiji was shot dead by Nathuram Godse at Birla Bhavan in New Delhi. Gandhiji was truly the light of the world, he showed the path of love, truth and non-violence to India and the world. He was known for his ideals throughout his life and even after his life, he will be known in the same way. India and her freedom will always remember Gandhiji as the father of the nation.

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बहुत लंबे समय से, मैं चिड़ियाघर की सैर करना चाहता था। आखिरकार पिछले हफ्ते रविवार को, मेरे माता-पिता ने दिल्ली के चिड़ियाघर में जाने की योजना बनाई। मैं बेहद खुश था। हम लोग चिड़ियाघर के ठीक खुलने के समय पर वहाँ पहुँच गए। मेरे पिता ने हम सभी के लिए टिकट खरीदे और फिर हम मुख्य द्वार से चिड़ियाघर में दाखिल हुए।

वहाँ पर सभी जानवरों और पक्षियों के लिए उनके अनुकूल स्थान और बड़े पिंजरे थे जिनमें वह आसानी से रह सके। हमने वहाँ हिरण, बन्दर, लंगूर, लोमड़ी, बारहसिंगा, काला हिरन, जेब्रा और जिराफ देखें, उनमें से कुछ जानवर कुछ खाने की उम्मीद में हमारे तरफ आ गए थे। हमने वहाँ दो गैंडों को बाड़े के अंदर मैदान में घूमते देखा।

हमने चिड़ियाघर में आगे चलकर शेर, तेंदुआ, बाघ, चीता और काला भालू जैसे जंगली जानवर देखें। हमने एक अलग पिंजरे में एक सफेद बाघ भी देखा। इनके पिंजरे इन जानवरों को जंगल की तरह प्राकृतिक स्थान देने के लिए काफी बड़े बनाये गए थे।

हमने तालाब में काले हंस देखे। एक अलग तालाब में, मगरमच्छ तैर रहे थे। पास में सांप और अजगर के बाड़े थे। फिर हमने नीले-पीले तोते देखे जिनमें ज्यादातर के शीर्ष भाग नीले और निचले भाग पीले रंग के थे। हमने पानी में दरियाई घोड़े को देखा, जिसकी पीठ पर बैठा एक कौवा आनंदित हो रहा था। वहाँ पर सबसे ज्यादा भीड़ तो मोर और हाथियों ने आकर्षित की हुई थी।

उन सभी जानवरों को वास्तविक रूप से देखना मेरे लिए एक अद्भुत अनुभव था। अगली बार में अपने मित्रों और सहपाठियो के साथ चिड़ियाघर जाना पसंद करुँगा क्योंकि जो ज्ञान, मनोरंजन और एक अविस्मरणीय अनुभव मुझे प्राप्त हुआ उसे वो सब भी प्राप्त कर सकें।

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भारत में बहुत सारी आकर्षक प्राचीन इमारतें हैं जो हमें हमारा इतिहास बतलाती हैं और हमें विस्मित भी करती हैं। यह हमारे इतिहास को जानने के लिए हमारी रुचि को बढ़ावा देती है। ऐतिहासिक स्थानों पर यात्रा करने से छात्र अपनी कक्षा की शिक्षा को वास्तविक दुनिया से जोड़कर देख पाते हैं और यह बोरियत को भी मिटाता है। मुझे ऐतिहासिक इमारतों को करीब से जानने का बहुत शौक है इसलिए मैंने अपने मित्रों के साथ ताजमहल घूमने की योजना बनाई।

हम चार दोस्तों ने पिछले हफ्ते अपनी कार से आगरा जाने का निश्चय किया। हमने दिल्ली से आगरा पहुँचने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे का मार्ग निश्चित किया। रास्ते में एक भोजनालय में हमनें नाश्ता किया और लगभग 11 बजे हम आगरा शहर में प्रवेश कर गए। हमने अपनी कार पूर्वी गेट पार्किंग में लगा दी और स्मारक के प्रवेश द्वार तक पहुँचने के लिए बैटरी से चलने वाला ऑटो-रिक्शा लिया। ताजमहल के प्रवेश द्वार पर, हमने टिकट खरीदे और सुरक्षा जांच से गुजर कर भीतर प्रवेश किया।

भीतर प्रवेश करने पर हमें दो बड़े लॉन दिखे, जिनके मध्य में, मुख्य मकबरे तक पहुँचने के लिए रास्ता था। और इस रास्ते के साथ में लगे फव्वारे इसकी शोभा बड़ा रहे थे। हमने देखा कि ताज एक उठे हुए मंच पर खड़ा है। इसके चारों कोनों पर चार बुलंद मीनारें हैं। यह एक हाथी दांत जैसे सफेद संगमरमर का मकबरा है जो कि भारतीय शहर आगरा में यमुना नदी के दक्षिण तट पर स्थित है। इसे मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी प्यारी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था।

यह यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में से एक है और विश्व के सात अजूबों में से एक है। यह चांदनी रात में बहुत खूबसूरत लगता है इसलिए यादों को उल्लेखनीय और चिरस्थायी बनाने के लिए लोग पूर्णिमा की रात में ताजमहल को घूमना करना पसंद करते हैं। ताजमहल जैसी सबसे खूबसूरत इमारत को देखने के लिए बहुत दूर-दूर से लोग यहाँ आते हैं।

काफी देर तक अंदर रहने के बाद हमने वहाँ से जाने का फैसला किया। ताजमहल की यात्रा पूरी तरह से मजेदार और शैक्षिक थी। दुनिया में ऐसी बहुत सारी खूबसूरत ऐतिहासिक इमारतें हैं जिन्हें मैंने नहीं देखा है। लेकिन यदि मेरा दोबारा आगरा आना हुआ तो मैं इसे फिर से देखना चाहूँगा।

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EnglishHindi
Actorअभिनेता
Actressअभिनेत्री
Animatorव्यंग्य-चित्रकार, एनिमेटर
Anthropologistमानवविज्ञानी
Archaeologistपुरातत्त्ववेत्ता
Architectवास्तुकार
Astronautअंतरिक्ष यात्री
Astronomerखगोलविद
Authorलेखक
Bakerबेकर, नानबाई
Bankerबैंकर
Bartenderबारमैन
Biochemistजीव रसायनज्ञानी
Biologistजीवविज्ञानी
Botanistवनस्पति-विज्ञानिक
Carpenterबढ़ई
Cartoonistकार्टूनिस्ट, व्यंगचित्रकार
Chemistरसायनज्ञ
Choreographerकोरियोग्राफर, नृत्य-रचनाकार
Comedianहास्य अभिनेता
Chefबावर्ची
Cookरसोइया
Dancerनर्तक, नर्तकी
Dentistदंत चिकित्सक
Doctorचिकित्सक
Ecologistपरिस्थितिविज्ञानशास्री
Economistअर्थशास्त्री
Electricianबिजली मिस्त्री
Engineerइंजीनियर, अभियान्ता
Farmerकिसान
Fashion designerफैशन डिजाइनर
Film directorफिल्म निर्देशक
Film producerचलचित्र निर्माता
Filmmakerफ़िल्म निर्माता
Geologistभूविज्ञानी
Hair stylistबालों की स्टाइल बनाने वाला
Historianइतिहासकार
Illusionistजादूगर
Interior designerआंतरिक साजसज्जा विशेषज्ञ
Inventorआविष्कारक
Jewellery designerआभूषण डिजाइनर
Journalistपत्रकार
Lawyerवकील
Lyricistगीतकार
Magicianजादूगर
Makeup artistमेकअप कलाकार
Mathematicianगणितज्ञ
Mechanicमैकेनिक
Microbiologistसूक्ष्मजीव विज्ञानी
Neuroscientistन्यूरोसाइंटिस्ट
News anchorन्यूज ऐंकर
Painterचित्रकार
Photographerफोटोग्राफर
Pilotपायलट
Poetकवि
Police Officerपुलिस अधिकारी
Postmanडाकिया
Potterकुम्हार
Psychologistमनोविज्ञानी
Scientistवैज्ञानिक
Sculptorमूर्तिकार
Secretaryसेक्रेटरी
Singerगायक, गायिका
Tattoo artistगोदना कलाकार
Teacherअध्यापक,अध्यापिका, शिक्षक, शिक्षिका
Watchmenचौकीदार
Writerलेखक
Zoologistजीव विज्ञानी
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परमाणु संयंत्र यूरेनियम परमाणुओं को विभाजित करके गर्मी के रूप में ऊर्जा का उत्पादन करते हैं। जिसे आगे टरबाइन जनरेटर की मदद से बिजली उत्पन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है। नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन से उत्पन्न ऊर्जा स्वच्छ ऊर्जा है क्योंकि यह वायुमंडल में कार्बन, सल्फर, नाइट्रोजन या अन्य ग्रीनहाउस गैसों जैसी प्रदूषक गैसों का उत्सर्जन नहीं करती है। परमाणु ऊर्जा द्वारा विभिन्न उद्देश्य पूरे होते हैं। कृषि उत्पादन से लेकर बिजली पैदा करने तक, कैंसर के इलाज से लेकर प्रदूषण को नियंत्रित करने तक, परमाणु ऊर्जा का उपयोग किया जाता है।

कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए परमाणु ऊर्जा बहुत उपयोगी है। बाँझ कीट तकनीक, पर्यावरण के अनुकूललित एक कीट नियंत्रण विधि है जिसका उपयोग करके कीटों की आबादी को नियंत्रित किया जाता है। यह विधि फल मक्खियों और कैटरपिलर को नियंत्रित करती है। फल कीट, मुख्य रूप से फल और सब्जियों को नुकसान पहुंचाते हैं और कैटरपिलर कीट खाद्य फसलों, जंगलों, पौधों, फलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह तकनीक, कृषि खाद्य में वृद्धि के आशाजनक परिणाम दिखाती है। और इसके अलावा, खाद्य विकिरण प्रौद्योगिकी का उपयोग भोजन के संरक्षण के लिए किया जाता है।

परमाणु ऊर्जा संयंत्र बिजली का उत्पादन करते हैं जिससे हमारे घरों, स्कूलों, अस्पतालों, संग्रहालयों, भवनों को प्रकाशित करने के लिए बिजली मिलती है। बिजली हमारे लिए कई मायनों में चमत्कार करती है क्योंकि हमारी दैनिक गतिविधियाँ जैसे कार्यालय में काम करने से लेकर घर में खाना बनाने तक बिजली पर निर्भर करती है।

परमाणु चिकित्सा विकिरण का उपयोग थायरॉयड, हड्डियों, हृदय, यकृत जैसे मानव अंगों के कामकाज की पहचान करने के लिए होता है जिससे उनका इलाज करने में मदद मिलती है। रेडियोथेरेपी का उपयोग कैंसर के उपचार में सहायक है, जिसमें विकिरण का उपयोग विशेष रूप से लक्षित कोशिकाओं को नष्ट करने या कमजोर करने के लिए किया जाता है। रेडियो आइसोटोप का उपयोग चिकित्सा उपकरणों को कीटाणुरहित करने के लिए किया जाता है।

सतह और भूमिगत जल संसाधनों का पता करके पानी की समस्याओं को हल करने के लिए आइसोटोप जल विज्ञान तकनीक, रेडियोधर्मी आइसोटोपिक तकनीक का उपयोग करती है। परमाणु तकनीकें वायुमंडल से प्रदूषकों का पता लगाने और उनका विश्लेषण करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। परमाणु ऊर्जा बाहरी अंतरिक्ष अभियानों में ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

मेरी राय में, परमाणु ऊर्जा स्वच्छ ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत है जो ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में सहायक है। लेकिन हथियारों और सैन्य उद्देश्यों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाना अत्यन्त खतरनाक हो सकता है। भविष्य में, यह कोयला और तेल जैसे मौजूदा ऊर्जा-उत्पादक संसाधनों का स्थान ले सकती है। लेकिन हम परमाणु ऊर्जा संयंत्रों द्वारा घातक रेडियोधर्मी उत्सर्जन को भी नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं इन संयंत्रों को इस शक्ति को सम्भालने के लिए सबसे मजबूत बुनियादी ढांचे और सावधान पर्यवेक्षण की आवश्यकता होती है।

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हम सब सदियों से युद्ध लड़ रहे हैं और इस क्षेत्र में अपना ज्ञान बढ़ाने में भी कामयाब रहे हैं। हमने अपने हथियारों को पत्थर से परमाणु बम तक उन्नत किया है। अब हमारे हथियारों में देवताओं वाली शक्ति है। यह शक्ति इतनी विशाल है कि यह हमेशा युद्धों के रूप में दुनिया में विनाश का कारण बनती है। आजकल देश अपनी जीडीपी का सबसे बड़ा प्रतिशत अपनी सेना पर खर्च करते हैं। यद्यपि, इस धन का उपयोग समाज के कल्याण और देश के विकास के लिए किया जा सकता है।

पुराने समय में, युद्ध केवल उन लोगों की मृत्यु का कारण बनता है जो युद्धस्थल में लड़ रहे होते थे। लेकिन आधुनिक युद्ध नागरिकों के जीवन को भी नष्ट कर देते हैं। युद्धों के दौरान स्कूल, कॉलेज, कारखाने, मॉल, सिनेमा घर और कोई भी अन्य सार्वजनिक स्थान बन्द रहते हैं। नागरिक गोलीबारी से मारे जाते हैं। तोपखाने द्वारा हमले और विमान से गिराए जाने वाले बम, गांवों, कस्बों, सार्वजनिक भवनों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, संग्रहालयों, मिलों आदि को नष्ट कर देते है।

युद्धों के दौरान, देशों की अर्थव्यवस्था नीचे गिर जाती है। आर्थिक नुकसान से उबरने में बहुत अधिक समय लगता है। कमोडिटी की कीमतों के बढ़ने से गरीब लोगों का जीवन मुश्किल हो जाता है। भूख के कारण लोग प्यार और सहानुभूति भूल जाते है और वे किसी भी कीमत पर जीवित रहने के लिए एक-दूसरे को मारते हैं।

विज्ञान की मदद से, हमने परमाणु हथियार, परमाणु बम, हाइड्रोजन बम, मिसाइल, पनडुब्बी, टैंक, जहरीली गैसें, रासायनिक हथियार, बमवर्षक विमान, रॉकेट, युद्धपोत, आदि जैसे भयानक हथियारों का आविष्कार किया है, क्योंकि इन हथियारों के कारण विश्व युद्धों, हिरोशिमा और नागासाकी, सीरियाई गृहयुद्ध, डारफुर युद्ध, इराक युद्ध, अफगानिस्तान युद्ध, बोको हराम के खिलाफ युद्ध, यमनी गृह युद्ध, डोनबास में युद्ध, आदि में कई लोगों ने अपनी जान गवाई हैं। कई देशों जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, रूस, भारत, फ्रांस, इजरायल, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया के पास परमाणु बम हैं जो मिनटों के भीतर मानव जाति को समाप्त कर सकते हैं।

सत्ता के लालच का कोई अंत नहीं है, सब कुछ पा लेने के बाद भी यह समाप्त नहीं होगा। कुछ राजनेता, कुछ देश और आतंकवादी समूह आतंक का एक हथियार के रूप में उपयोग कर दूसरों पर हावी होने का प्रयास करते हैं। इसके कारण कई निर्दोष लोगों को, या तो मौत या फिर दुखों का सामना करना पड़ता है। संयुक्त राष्ट्र संघ को 1945 में अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से स्थापित किया था। हर साल, संयुक्त राष्ट्र की महासभा, विकास, शांति और सुरक्षा के अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा भी करती है।

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बिजली आधुनिक युग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज हमारा अधिकांश जीवन बिजली से चलने वाली चीजों पर निर्भर है। लोग प्रकाश, फोन, कंप्यूटर, टेलीविजन, सिनेमा, हीटिंग, शीतलन, परिवहन, घरेलू उपकरणों, उद्योगों में मशीनरी और कई अन्य स्थानों के लिए बिजली का उपयोग करते हैं। बिजली ने इंसानों के लिए बहुत खुशी और समृद्धि ला दी है। यह वास्तव में मानवता के लिए वरदान है।

स्मार्टफोन, लैपटॉप को चार्ज करने के लिए बिजली का उपयोग किया जाता है। यह हमें कुछ ही समय में पूरी दुनिया में मैसेज भेजने और प्राप्त करने, वॉइस और वीडियो कॉलिंग करने में मदद करता है। आज बिजली का इस्तेमाल गाड़ियों, मेट्रो, बसों, कारों और अन्य सभी प्रकार के वाहनों को चलाने के लिए किया जाता है।

घरेलू जीवन में, बिजली एक वरदान है। इसका उपयोग हमारे घरों को प्रकाशित करने के लिए किया जाता है, हम माइक्रोवेव और ओवन में भोजन को बनाते और पकाते हैं, हम इलेक्ट्रिक इंडक्शन और केतली में 
दूध और पानी को उबालते हैं, वाशिंग मशीन हमारे कपड़े धोती है, डिशवॉशर हमारे बर्तनों को धोती है, एयर कंडीशनर हमारे कमरे और दुकानों को ठंडा करता है, विद्युत ऊष्मा यन्त्र सर्द ऋतु में हमें गर्मी प्रदान करता है, इस प्रकार बिजली इस तरह के कई अंतहीन कामों में उपयोगी हैं।

बिजली मनोरंजन के महान स्रोत प्रदान करती है। यह हमें रेडियो, टेलीविजन, सिनेमा और मनोरंजन पार्क के माध्यम से मनोरंजन प्रदान करती है। रेडियो के माध्यम से हम गीत, कहानी, संवाद, भाषण और समाचार सुन सकते हैं। टेलीविजन हमें न केवल सुनने के लिए बल्कि गायक या वक्ता का चेहरा देखने के लिए भी सक्षम बनाता है। सिनेमा मनोरंजन का सबसे सस्ता साधन बन गया है। हम मनोरंजन पार्कों में विद्युत ऊर्जा से चलने वाली सवारी और खेलों का आनंद लेते हैं। डिज़नीलैंड और यूनिवर्सल स्टूडियो प्रसिद्ध मनोरंजन पार्क हैं, जिन्हें दुनिया भर में जाना जाता है।

चिकित्सा क्षेत्र में, बिजली एक क्रांतिकारी भूमिका निभाती है। यह बिजली के कारण है कि इस क्षेत्र में नई खोज और आविष्कार किए गए हैं। यह कई बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है। यह कैंसर के उपचार में बहुत उपयोगी है। एक्स-रे और ईसीजी बिजली के वरदान हैं। एक्स-रे आंतरिक रोगों और हड्डियों के फ्रैक्चर का पता लगाने में मदद करता है। ईसीजी का उपयोग दिल से संबंधित बीमारियों का पता लगाने के लिए किया जाता है।

बिजली ने अपने आप को औद्योगिक विकास में बहुत काम का साबित किया है। इसकी मदद से मिलों और कारखानों में विशाल और भारी मशीनें चलती है। बिजली की मदद से बड़ी नहरों और कुओं को खोदा जा सकता है। हम सूखी और बंजर भूमि की सिंचाई के लिए इसका उपयोग करते हैं। बिजली के उपकरण पुल और बांध बना सकते हैं और नदियों के प्रवाह को बदल सकते हैं।

विद्युत ऊर्जा ने ज्ञान को फैलाने में बहुत मदद की है। प्रिंटिंग मशीनें इलेक्ट्रिक पावर पर चलती हैं जो समाचार पत्रों, पत्रिकाओं और पुस्तकों को प्रिंट करने में मदद करती हैं। कंप्यूटर की मदद से, अब कोई भी व्यक्ति घर पर रहकर ऑनलाइन अध्ययन और काम कर सकता है।

इस प्रकार हम देखते हैं कि हम अपनी अधिकांश दैनिक गतिविधियों के लिए बिजली पर निर्भर हैं। जीवन का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जिसमें बिजली की मुहर न लगी हो। यह वास्तव में, विज्ञान के मुकुट में सबसे अनमोल रत्न है। इसलिए हमें बिजली बर्बाद नहीं करनी चाहिए। यह ऊर्जा का एक शक्तिशाली स्रोत है जो हमें नुकसान भी पहुंचा सकता है इसलिए हमें इसका उपयोग करने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए।

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